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सिंगिंग रिअलिटी शो ला रा लप्पा ला का फिनाले


एन टी एम एन संवाददाता द्वारा:
कल मुंबई में हुआ ला रा लप्पा ला नामक सिंगिंग रिअलिटी शो का फिनाले तमाम अस्वाभाविक घटनाओं के लिए वर्षों तक याद किया जाएगा. ज़ीहाँ टीवी द्वारा आयोजित इस टैलेंट हंट के फिनाले में शुरुआत से ही हंगामे वाली घटनाएं होने लगीं जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने यह कहते हुए बवाल कर दिया कि पहले तक जो हुआ सो हुआ लेकिन फिनाले में प्रतियोगियों को केवल मराठी गीत ही गाना पड़ेगा. इन कार्यकर्ताओं ने अपनी मांग को एक कदम आगे बढ़ाते हुए कहा कि कार्यक्रम को प्रजेंट करने वाले एंकर को भी केवल मराठी में ही अनाऊँसमेंट करना होगा.
तमाम बड़े और गणमान्य व्यक्तियों के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझा और कार्यक्रम की शुरुआत हो सकी.
कार्यक्रम शुरू होने के बाद फिर से तब बवाल शुरू हुआ जब कार्यक्रम में अथिति के रूप में आये अक्षय कुमार अपनी कार से उतरकर पैदल चलते हुए अपनी सीट तक गए. उनके ऐसा करने से निराश तमाम दर्शकों ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि उन्हें ठग लिया गया. अपनी बात को स्पष्ट करते हुए इन लोगों ने बताया कि उन्हें आशा थी कि अक्षय कुमार जी उड़ते हुए, कूदते हुए या फिर तार के सहारे आसमान से उतरेंगे और उनके ऐसा नहीं करने की वजह से इन दर्शकों का पैसा वसूल नहीं हुआ.
जहाँ ये दर्शक इस बात से नाराज़ थे वहीँ अक्षय कुमार फैन्स क्लब के महासचिव मिलिंद खेलकर ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि अक्षय कुमार का पैदल चलकर अपनी सीट तक आना उनके खिलाफ साजिश है. खेलकर जी ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए बताया कि चैनल ने जानबूझकर अक्षय को स्टेज पर उड़ते हुए नहीं आने दिया. खेलकर की बात को उस समय और बल मिला जब अक्षय कुमार के मित्र और प्रोड्यूसर विपुल शाह ने कहा; “अक्षय को पैदल चल कर अपनी सीट तक जाने से बचना चाहिए. पैदल चलना उनकी ईमेज के लिए हानिकारक है. अगर वे ऐसे ही पैदल चलेंगे तो फिर उनके और खानों के बीच कोई अंतर नहीं रह जाएगा और उन्हें अपने फैन्स खोने पड़ेंगे.”
विपुल शाह की इस बात को अक्षय कुमार ने गाँठ बांधकर रख ली और उन्होंने फैसला किया कि भविष्य में वे स्टेज पर उड़ते हुए, कूदते हुए या फिर गिरते हुए ही प्रकट होंगे और पैदल चलकर अपनी सीट तक पहुँचने की गलती नहीं करेंगे.
कार्यक्रम आगे बढ़ा और प्रतियोगियों के अलावा उनके मेंटर्स ने भी गाने गाये. एक स्पेशल प्रजंटेशन में विख्यात ग़ज़ल गायक गुलाम अली साहब ने एक ग़ज़ल सुनाई. सबकुछ ठीक चल रहा था. तभी एक और घटना हो गई. जब गुलाम अली साहब ने ग़ज़ल ख़त्म की तभी विख्यात मेंटर और कुख्यात गायक श्री दलेर मेंहदी ने गुलाम अली साहब से कहा; “रब्ब राखां पुत्तर. चक दे फटे. जिन्दा रह पुत्तर.”
उनकी इस बात पर वहाँ उपस्थित लोगों में हडकंप मच गया. सब इस बात से आश्चर्यचकित थे कि प्रतियोगियों के लिए रिजर्व इस लाइन को दलेर मेंहदी ने गुलाम अली के लिए कैसे कह दिया? बाद में तमाम भूतपूर्व गायकों ने दलेर मेंहदी से कहा कि गुलाम अली साहब से माफी मांग लें. पहले तो दलेर मेंहदी ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया लेकिन वे बाद में मान गए और उन्होंने गुलाम अली से माफी मांग ली.
ज्ञात हो कि “रब्ब राखां पुत्तर. चक दे फटे” नामक लाइन दलेर मेहंदी के साथ वैसे ही चिपक गई है जैसे देवर्षि नारद के साथ “नारायण नारायण”. यह भी ज्ञात हो कि इंटरनेशनल रिअलिटी शोज जजेज युनियन ने दलेर मेहंदी की इस लाइन को वर्ष २०१० की सर्वश्रेष्ठ लाइन घोषित किया है.
कार्यक्रम आगे बढ़ा और सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था. कुछ ही देर बाद महान गायक मीका और महान संगीतकार साजिद में इस बात को लेकर कहा-सुनी हो गई कि हर किसी को सन-ग्लास पहनने का अधिकार नहीं है. जहाँ मीका जी का कहना था कि सन-ग्लास पहनने का अधिकार बप्पी लाहिड़ी जी के अलावा सिर्फ उन्हें है, वहीँ साजिद का मानना था कि वे भी अब इस एक्सक्लूसिव क्लब के मेंबर बन गए हैं. बात हाथापाई तक पहुँचती इससे पहले ही कुछ लोगों ने मध्यस्थता करके मामले को सुलझा लिया.
कार्यक्रम के अंत में स्टेज पर उदित नारायण और सुरेश वाडकर को बुलाया गया. वे स्टेज पर आये और उन्हें विनर का नाम बताने का जिम्मा सौंपा गया. बाद में जब एंकर ने यह कहा कि “अब वह घड़ी आ गई है” तभी से उदित नारायण जी ने स्टेज के चारों तरफ देखना शुरू किया. सब यह सोच रहे थे कि वे शायद किसी को खोज रहे हैं. बाद में जब एंकर ने चौथी बार कहा कि “अब वह घड़ी आ गई है” तब उदित नारायण जी से रहा नहीं गया और उन्होंने एंकर को गाली देना शुरू कर दिया.
जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा; “चार बार यह सुनने के बाद भी कि अब वह घड़ी आ गई है, मुझे जब स्टेज पर कोई घड़ी दिखाई नहीं दी तो मुझे गुस्सा आ गया.”
बाद में लोगों ने उन्हें समझाया कि एंकर जिस घड़ी की बात कर रहा था वह घड़ी कुछ और ही थी.
अंत में विनर का नाम अनाऊँस किया गया. मगर जैसे ही एंकर ने कहा; “और दुनियाँ के पहले सिंगिंग सुपर स्टार हैं जमाल खान” तभी करीब सत्रह अट्ठारह लोगों ने स्टेज पर धावा बोल दिया. उनका कहना था कि दुनियाँ के पहले सिंगिंग सुपर स्टार कुमार सानू हैं. ऐसे में कैसे किसी और को दुनियाँ का पहला सिंगिंग सुपर स्टार कहा जा सकता है? काफी खोजबीन के बाद पता चला कि ये लोग महान गायक कुमार सानू के फैन्स थे और यह मानने के लिए तैयार नहीं थे कि कुमार सानू के जीते जी कोई और सिंगिंग सुपर स्टार हो सकता है.
कुल मिलाकर कार्यक्रम हंगामाखेज रहा. चैनल ‘ज़ीहाँ’ की तरफ से लोगों से यह वादा किया गया कि अगले वर्ष ऐसी घटनाएं न हों, चैनल इसका ख़याल रखेगा.

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Shiv Mishra

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