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अब महंगाई रुकेगी


कभी-कभी यह तय करने में मुश्किल होती है कि अपने देश में समस्याएं हैं या समस्याओं में अपना देश है. वैसे विद्वानों की मानें तो देश है तो समस्या है. समस्या है तो बहस है. बहस है तो ऑप्शंस हैं. ऑप्शंस हैं तो फैसला है. फैसला है तो गलती है…अरे मैं यह क्या लेकर बैठ गया. नए-नवेले ब्लॉगर की यही समस्या है. चांस मिला नहीं कि निकल पड़ा किसी शायर की नक़ल करने.
हाँ, तो मैं कह रहा था कि देश में समस्याएं हैं. आज सबसे बड़ी समस्या है महंगाई की. इतनी बड़ी कि सब्जियों तक को समझ नहीं आता कि कहाँ तक बढें क्योंकि ऊपर जाने के लिए जगह ही जगह है. लोग सुझाव दे रहे हैं. लोग सुझाव ले रहे हैं. कभी लगता है कारण खोज लिए गए हैं तो दूसरे ही दिन लगता है कि कारणों का पता ही नहीं है. किताबी अर्थशास्त्री हैं तो दूसरी तरफ व्यावहारिक व्यवसायी है. ऐसे में जितने मुँह उतनी बातें. हमारे संवाददाता ने देश में घूमकर तमाम लोगों से मंहगाई के कारणों और उसे रोकने के उपायों पर बात की. पढ़िए कि लोगों ने क्या कहा:
कौशिक बसु, चीफ इकॉनोमिक एडवाइजर टू इकॉनोमिस्ट प्राइम मिनिस्टर: “वी हैव टू लुक इन टू द प्रॉब्लम टू फाइंड द रीजन ऑफ दिस प्राइस राइज. महंगाई के कई कारण होते हैं. महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है डिमांड और सप्लाई. जब चीजों की डिमांड उसकी सप्लाई से बढ़ जाती है तो महंगाई आ जाती है. सी, अकार्डिंग टू द ला ऑफ सप्लाई, सप्लाई एंड प्राइस आर प्रपोर्स्नल…द हायर ऐन आइटम्स प्राइस, द मोर विल बी द सप्लाई….डिमांड इज इन्वार्सली प्रोपर्स्नल टू……”
प्रणब मुखर्जी, फिनांस मिनिस्टर, ट्रबल शूटर एंड परसेंटेज रीडर: “देयार आर सोम कोंसोर्न ओभार द प्राइस राइज. उइ आर लूकिंग इनटू द प्रोब्लोम एंड उइ थींक दैट रोबी क्रोप उविल ब्रिंग द प्राइसेज डाउन इन द मांथ ऑफ मार्च….बात उइ थींक दैट पीपूल शूड बे हैपी वीथ द एट प्वाइंट फाइव पारसेंट जी डी पी ग्रोथ…”
राम निवाश मिश्रा, ‘फार्मर’, सकरपुरा, सहरसा, बिहार: “बस अब बहुत हो गया. ई लोग अगर महंगाई नहीं रोक पा रहा है त मिलिट्री को काहे नहीं बुलाता? हमारे देश में बाढ़ आता है त मिलिट्री को बुलाया जाता है. प्रिंस कुआं में फंस जाता है त मिलिट्री ही निकलता है. ऐसे में ई मंहगाई एतना बढ़ रहा है त सरकार उसको रोकने के लिए भी मिलिट्री को काहे नहीं बुलाता? हमसे पूछते हैं त हम तो एही कहेंगे कि एक ही सलूशन है ई समस्या का. मिलिट्री.”
सनल एडमरुकू, प्रेसिडेंट, इन्डियन रेशनेलिस्ट एशोसियेशन एंड ग्रेट बिलीवर इन पॉवर ऑफ साइंस: “अमारा कहना ये कि गवर्नमेंट महंगाई की प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए यिनडियन यिस्पेस रिसर्च यार्गेनाइजेशन से कहे. देको इस कंट्री की हर प्रॉब्लम का सलूशन साइंस के पास है. अबी मंहगाई ईतनी ऊपर चला गया है कि यिसरो ही बता सकता है कि केतना ऊपर है और उसको उतना ऊपर से लाने के लिए क्या करना है….”
तुषार जी महाराज, जैन धर्म के ज्ञानी: “प्याज का दाम बढ़ना एक तरह से स्वामी महावीर जी का पूरी दुनिया को यह बताने का तरीका है कि प्याज एक तामसिक आहार है और उसे खाने से मानव सभ्याता का विनाश निश्चित है. यह इशारा है कि ….”
अरनब गोस्वामी, मॉडर्न डे रिवोलुश्यनरी एंड ओनली प्रोटेक्टर ऑफ इंडियन नेशन: “सिक्स मंथ बैक, व्हेन योर चैनल केम अप विद द प्रूफ दैट दिस स्काई राकेटिंग इन्फ्लेशन वाज रिजल्ट ऑफ मिस-डीड्स ऑफ मिस्टर सुरेश कलमाडी, मिस्टर कलमाडी हैड थ्रीटंड टू स्यु योर चैनल…नाऊ, योर चैनल हैज कम अक्रॉस न्यू एविडेंस ह्विच क्लीयरली शोज दैट मिस्टर कलमाडी…..टू नाईट आई वुड लाइक टू अस्योर आर व्यूअर्स वंस अगेन दैट योर चैनल विल सी टू इट दैट दोज हू आर रिस्पोंसिबिल फोर कॉजिंग एन्ग्जाइटी टू अ नेशन ऑफ अ वन बिलियन आर ब्राट तो जस्टिस….”
इंडिया टीवी, कस्टोडियन ऑफ थ्रिल, हॉरर, माइथोलॉजी, कल्चर…..एंड इन्वेन्टर ऑफ द टर्म ब्रेकिंग न्यूज: “जी हाँ, आज हम आपको बतायेंगे कि कैसे सरसों, दूध और काली गाय की सहायता से महंगाई को कम किया जा सकता है. यह उपाय ऋगवेद से लिया गया है. जी हाँ, आज हमारे स्टूडियो में हैं स्वामी मुद्रानन्द जी महाराज जो आपको उस मंत्र के बारे में बतायेंगे जिसके जाप से मंहगाई कम होगी…जी हाँ, पहली बार महंगाई को काबू में करने वाला मन्त्र….”
बेजान दारूवाला, मेसेंजर ऑफ गणेशा: “मेरी जान, ये साल में क्या होगा? महंगाई बढ़ेगी अभी और बढ़ेगी. ये साल में कौन भारी है? ये साल में चन्द्रमा सबसे भारी है. जुपिटर से भी भारी अभी चन्द्रमा हो गया है. औउर उसका क्या असर होता है? उसका असर होता है कि आर्टिकल का दाम बढ़ता है…लेकिन जुलाई से, हाँ जुलाई से मेरी जान, चीजों का दाम कम होगा. वईसे अगर तुम लेफ्ट हैण्ड का मिडिल फिंगर में नीलम पहनेगा तो महंगाई कम हो सकता है…..”
शरद पवार, एग्रीकल्चर मिनिस्टर एंड विनर ऑफ क्रिकेट ऐडमिनिस्ट्रेटिव बॉडी: “मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूँ लेकिन महंगाई तीन महीने में कम हो जायेगी…”
बाबा रामदेव, ब्रीदिंग एक्सपर्ट एंड ऑनटरप्रेन्योर: “हे हे हे हे..लोग मुझसे पूछते हैं, बाबाजी महंगाई क्यों बढ़ रही है? मैं कहता हूँ क्यों नहीं बढ़ेगी महंगाई? आज हम अपनी संस्कृति भूल गए हैं. कलियुग में महंगाई रोकने का एक ही उपाय है, योग. अगर हम योग का सहारा लें तो महंगाई को रोका जा सकता है. द्वापर में महंगाई क्यों नहीं रहती थी? …..हे हे हे..हाँ, करो बेटा करो. हमारे बीच हैं सोनीपत से आये हैं भाई राजेश. अनुलोम विलोम और कपालभाति से इन्हें बहुत लाभ हुआ है. हाँ, क्या समस्या थी बेटा तुम्हारी? क्या? गर्लफ्रेंड नहीं मिल रही थी? अच्छा, कितने दिन किया कपालभाति? चार महीने?…. और अब गर्लफ्रेंड मिल गई? हे हे हे…कोई भी समस्या का समाधान हो सकता है योग से…”
हमारे संवाददाता ने ए राजा, कपिल सिबल और राहुल गाँधी से भी सुझाव मांगे थे लेकिन उनलोगों ने कहा कि उन्हें करीब पंद्रह दिन का समय चाहिए . वहीँ राम जेठमलानी ने कहा कि वे महंगाई के बारे में तब तक कुछ नहीं कहेंगे जब तक वे महंगाई के ऊपर हाईकोर्ट का फैसला नहीं पढ़ लेते.

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Shiv Mishra

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