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शोक-सन्देश: IIT की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) का 52 वर्ष की उम्र में निधन



संयुक्त प्रवेश परीक्षा
(9 अप्रैल 1960 – 8 अप्रैल 2012)

लंबे समय से कपिल चप्पल की मार झेल रही ‘संयुक्त प्रवेश परीक्षा’ ने अंततः 8 अप्रैल, सायं काल 5 बजे दम तोड़ दिया | वे 52 वर्ष के थे |

मृत्युलेख एवं शोक सन्देश

आप प्रारम्भ से ही बड़े सख्त मिजाज थे | बच्चों को देखकर ही आपका पारा चढ़ जाता और आप उन्हें डराने-धमकाने लगते | फलस्वरूप छोटे बालकों में आपका आतंक व्याप्त हो गया | लेकिन बढ़ती उम्र के साथ आपके मिजाज़ में कुछ नरमी आई |

‘मानव संसाधन विकास मंत्रालय’ के साथ लगभग तीस वर्षों तक आपके मधुर वैवाहिक सम्बन्ध रहे | जिसके फलस्वरूप अपनी युवावस्था में आपके सात पुत्र हुए | सभी ने बड़े होकर अलग-अलग शहरों में अपने पिता का नाम रोशन किया | लेकिन इतने से आपकी सांसारिक इच्छाएँ खत्म नहीं हुई | अपनी ढलती उम्र में भी आपने ‘फाईट मार कर’ आठ कमजोर-कुपोषित बच्चों को जन्म दिया | ऐसा प्रतीत हुआ, मानो वे ‘क्वालिटी’ की बजाए ‘क्वांटिटी’ पर ज्यादा ध्यान दे रहें है |

बाद में आपका रुझान कोटा नामक ‘कोठे वाली’ की तरफ बढ़ने लगा | आपकी पत्नी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) ने कोटा से आपका पीछा छुड़ाने के लिए 2006 मेंआपका पूरा हुलिया ही परिवर्तित कर दिया | लेकिन कोटा ने उन्हें फिर भी पहचान लिया, और तब से उनके सम्बन्ध और भी प्रगाढ़ हो गए | अंततः कोई चारा ना देख आपकी पत्नी ने अपने ‘सीरिअल किलर – खूंखार दरिंदे – राजनेता भाई’ कपिल चप्पल के साथ मिलकर आपके क़त्ल की साजिश रची | अपनी राजनीतिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री चप्पल ने 2010 में आप पर घातक हमला किया | तब से आप जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे |

लेकिन आपके आई.सी.यू. में भर्ती रहने के दौरान ही आपकी पत्नी ‘मंत्रालय’ ने ISEET नामक अज्ञात शख्स के साथ अपने संबंधों का खुलासा कर दिया | उन्होंने ये भी घोषणा कर दी की 2013 में वे परिणय सूत्र में बंध जाएंगे | मृतक जेईई के १५ बच्चों के साथ अब सौतेला व्यवहार होने की आशंका है |

लेकिन लगता है ‘मंत्रालय’ की खुशी अधिक दिनों तक नहीं टिकने वाली क्योंकि ‘कोटा’ नामक उसी ‘कोठे-वाली’ ने अभी से उसके मंगेतर ISEET पर भी डोरे डालने शुरू कर दिए हैं |

शोकाकुल आई.आई.टी बॉम्बे, आई.आई.टी दिल्ली, आई.आई.टी कानपुर एवं समस्त आई.आई.टी परिवार |

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(NTMN पर प्रकाशित करने से पहले ऋषभ ने यह लेख फेसबुक पर नोट के रूप में 8 अप्रैल को प्रकाशित किया था | ऋषभ कहते हैं कि इस आलेख का उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है, और अगर आपको ठेस पहुचती है तो इसे मात्र एक संयोग कहा जाएगा |)
This obituary was originally published by Rishabh as a Facebook note (link).


About the author

FundOO BlogeRR

Student B.Tech IIT Bombay, Keen interest in Poetry, Music and dance.

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